कुम्हारी। सरकारी तंत्र की अनदेखी और रखरखाव के अभाव में कुम्हारी का पुराना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। जिस भवन को जनता के टैक्स की गाढ़ी कमाई से स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बनाया गया था, वह आज असामाजिक तत्वों का गढ़ और कबाड़खाना बनकर रह गया है।
हैरानी की बात यह है कि इस समस्या को लेकर एक वर्ष पूर्व भी सात्विक समाचार ने प्रमुखता से खबर बनाया था, लेकिन नगर पालिका परिषद कुम्हारी और संबंधित विभाग के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। नया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बन जाने के बाद, इस पुराने भवन को उसके हाल पर लावारिस छोड़ देना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मौके पर स्थिति भयावह है। देखरेख न होने के कारण भवन खंडहर में तब्दील हो चुका है। चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि भवन में लगी लोहे की खिड़कियों और दरवाजों को निकाल लिया गया है। सरकारी संपत्ति की दिन-दहाड़े लूट हो रही है।
शाम ढलते ही यह परिसर शराबियों और जुआरियों का सुरक्षित अड्डा बन जाता है। खाली बोतलें और गंदगी इस बात की तस्दीक करती हैं।
कुम्हारी नगर पालिका के अंतर्गत आने वाले इस बेशकीमती भवन का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। जैसे कौशल विकास केंद्र, सरकारी लाइब्रेरी या वाचनालय, नगर पालिका का उप-कार्यालय, मोहल्ला क्लिनिक या टीकाकरण केंद्र या और कुछ जो जनता के लिए उपयोगी हो।
क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है? टैक्सपेयर्स के पैसों से बनी इमारत को असामाजिक तत्वों के हवाले छोड़ देना राजस्व की हानि की श्रेणी में आता है।
स्थानीय शासन-प्रशासन को चाहिए कि वे अपनी कुंभकर्णी नींद से जागें। इस भवन की तत्काल मरम्मत कराकर इसका सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता का पैसा जनता के ही काम आ सके।
