कुम्हारी। स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए पूर्व शासन द्वारा लाखों–करोड़ों की लागत से लगाए गए ओपन जिम अब बदहाली का शिकार हो रहे हैं। कुम्हारी क्षेत्र में जनता की सुविधा के लिए लगाई गई मशीनें रखरखाव के अभाव में दम तोड़ रही हैं, जिससे फिटनेस के प्रति जागरूक नागरिकों में भारी रोष है।
प्राप्त जानकारी और मौके के दृश्यों के अनुसार, जिम में लगी मशीनें अब उपयोग के लायक नहीं रह गई हैं। मशीनों के कलपुर्जे टूट चुके हैं और कई जगहों पर जंग लग गया है। जिस मंशा के साथ छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा इन परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई थी, वह वर्तमान स्थिति को देखकर धूमिल होती नजर आ रही है।
विडंबना यह है कि जिम परिसर के आसपास गंदगी और कचरे का ढेर लगा हुआ है। प्लास्टिक के कचरे और धूल के बीच इन मशीनों का होना प्रशासन की अनदेखी को उजागर करता है। जहाँ एक ओर लोग इन मशीनों का लाभ उठाकर स्वस्थ रहना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर मशीनों के खराब होने से उन्हें मायूसी हाथ आ रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह सरकारी सौगात हमारे लिए बहुत फायदेमंद थी, लेकिन समय पर मरम्मत और देखरेख न होने के कारण अब ये मशीनें सिर्फ शो-पीस बनकर रह गई हैं। गंदगी के कारण यहाँ खड़े होना भी मुश्किल होता जा रहा है।
क्षेत्र के लोगों ने नगर पालिका और संबंधित विभाग से मांग की है कि खराब हो चुकी मशीनों की तत्काल मरम्मत करवाई जाए। जिम परिसर में नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था हो। भविष्य में मशीनों के रखरखाव के लिए एक ठोस नीति बनाई जाए।
अब देखना यह होगा कि जनहित की इस योजना को फिर से कब दुरुस्त किया जाता है, ताकि कुम्हारी की जनता एक बार फिर इस ओपन जिम का पूरा लाभ उठा सके।
