विहिप, व्यापारी संघ और कांग्रेस आए सामने
कुम्हारी। आगामी गणेश चतुर्थी एवं अन्य सामाजिक-धार्मिक आयोजनों से ठीक पहले नगर पालिका परिषद कुम्हारी द्वारा जारी एक आदेश ने पूरे शहर में चर्चा और विरोध का माहौल गर्म कर दिया है।
नगर पालिका परिषद् कुम्हारी द्वारा एक आदेश जारी किया गया है कि नगर पालिका कुम्हारी सीमा के अंतर्गत सार्वजनिक खुले मैदानों, मार्गों, चौराहों आदि पर पंडालों व अस्थायी संरचनाओं के निर्माण, धरना-प्रदर्शन, जुलूस, रैली, धार्मिक या सामाजिक आयोजनों की अनुमति जारी करने हेतु शुल्क लिया जाएगा। जिसे लेकर नगर में आम नागरिक, आयोजनकर्ता, दल और पार्टियों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं।
आगामी गणेश चतुर्थी के पहले आए इस आदेश के अनुसार पंडाल व अस्थायी संरचना के लिए अनुमति शुल्क 2 रुपये प्रति वर्गफुट और स्वच्छता शुल्क 0.25 रुपये प्रति वर्गफुट प्रति दिवस के हिसाब से दरें निर्धारित की गई हैं। इसके साथ ही सुरक्षा अमानत राशि (वापसी योग्य) 10 हजार रुपये प्रति आयोजन लेने का जिक्र है। अगर आयोजन के उपरांत साफ-सफाई नहीं किए जाने की स्थिति होगी, तो सुरक्षा राशि में से कटौती की जाएगी।
आदेश में आगे लिखा है कि उक्त दरें एवं प्रक्रिया छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 223 के अंतर्गत तथा राज्य शासन के संदर्भित पत्र में जारी आदेशों के परिपालन में नागरिकों की सुविधा, सुचारू यातायात प्रबंधन एवं निकाय के राजस्व हित को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभाव से लागू की जाती हैं। आदेश में सख्त चेतावनी है कि बिना पूर्व अनुमति के किया गया कोई भी आयोजन अवैध माना जाएगा।
इस आदेश के आने के उपरांत नगर में छोटे-बड़े गणेश चतुर्थी पर प्रतिमा स्थापित करने वाले आयोजनकर्ताओं में भारी रोष दिखाई दे रहा है।
आयोजनकर्ताओं का सीधे तौर पर कहना है कि शासन-प्रशासन का यह आदेश न्यायसंगत नहीं है। गणेश चतुर्थी का पर्व हर गली-मोहल्ले में छोटे-बड़े स्थान पर अस्थायी पंडाल बनाकर भगवान की प्रतिमा स्थापित करके मनाया जाता है। खासकर छोटी समितियों के पास फंड की भारी कमी होती है, ऐसे में प्रति दिवस लगने वाला अनुमति शुल्क एवं 10 हजार रुपये सुरक्षा राशि जमा करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होगा। समितियां दानदाताओं और चंदे की राशि से बड़ी मुश्किल से यह आयोजन कर पाती हैं। ऐसे में यह अतिरिक्त भार लगाने का कोई औचित्य नहीं है।
इस आदेश की वजह से कई वर्षों से गणेश प्रतिमा स्थापित कर रही छोटी समितियों को भारी आर्थिक परेशानियां झेलनी पड़ेंगी और कई ऐसी समितियां भी होंगी जो इस अतिरिक्त आर्थिक भार की वजह से बरसों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन नहीं कर पाएंगी।
इसी संदर्भ में आज गुरुवार को विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के नगर अध्यक्ष अनुज शुक्ला के नेतृत्व में मुख्य नगर पालिका अधिकारी नेतराम चंद्राकर को एक ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में बताया गया है कि कुम्हारी नगर में प्रतिवर्ष श्रद्धा एवं उल्लास के साथ श्री गणेश उत्सव मनाया जाता है। नगर के विभिन्न वार्डों एवं मोहल्लों में गणेश उत्सव समितियों द्वारा पंडाल लगाकर भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
उन्होंने आगे लिखा है कि विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल कुम्हारी को यह जानकारी प्राप्त हुई है कि गणेश उत्सव के लिए लगाए जाने वाले पंडालों से नगर पालिका परिषद द्वारा शुल्क की वसूली की जा रही है, जिसका वे स्पष्ट एवं पुरजोर विरोध करते हैं।
ज्ञापन में बताया गया है कि गणेश उत्सव केवल एक आयोजन नहीं बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था, श्रद्धा एवं धार्मिक भावना से जुड़ा पर्व है। ऐसे धार्मिक आयोजनों में समितियों एवं श्रद्धालुओं पर अतिरिक्त आर्थिक भार डालना उचित नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट मांग की है कि गणेश पंडालों से किसी भी प्रकार का अनावश्यक कर अथवा शुल्क तत्काल समाप्त किया जाए तथा गणेश उत्सव समितियों को राहत प्रदान की जाए। उन्होंने आगे लिखा है कि यदि इस संदर्भ में शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से इस विषय को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा।
ज्ञापन में मुख्य रूप से पांच मांगें दर्ज की गई हैं: गणेश पंडालों से कर व शुल्क वसूली तत्काल बंद की जाए; धार्मिक आयोजनों को अनावश्यक आर्थिक भार से मुक्त रखा जाए; गणेश उत्सव समितियों को अनुमति एवं अन्य प्रक्रिया में अनावश्यक परेशान न किया जाए; यदि किसी समिति से शुल्क वसूला गया है तो उसकी समीक्षा कर उचित निर्णय लिया जाए; और गणेश उत्सव के सफल आयोजन के लिए नगर पालिका प्रशासन द्वारा समितियों को आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए।
कुम्हारी व्यापारी संघ ने भी इस आदेश का पुरजोर विरोध करने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि श्री गणेश उत्सव कोई व्यावसायिक आयोजन नहीं है, यह हिंदू आस्था और श्रद्धा का पर्व है। नगर के युवा व्यापारी और समितियां अपने निजी खर्च और मेहनत से पंडाल लगाती हैं, जिससे पूरे नगर में उत्सव का माहौल बनता है, उन पर कर लगाना अनुचित है। संघ आगे लिखता है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों पर कर लगाने से नगर की सांस्कृतिक परंपरा और व्यापार दोनों पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
व्यापारी संघ कुम्हारी ने नगर पालिका परिषद कुम्हारी से विनम्र आग्रह किया है कि गणेश पंडाल पर लगाया गया किसी भी प्रकार का कर व शुल्क तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए तथा सभी गणेश उत्सव समितियों को पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाए।
11 तारीख शुक्रवार को ब्लॉक युवा कांग्रेस कुम्हारी द्वारा भी इस आदेश के विरोध में दुर्ग कलेक्टर एवं नगर पालिका कुम्हारी को ज्ञापन सौंपने का आह्वान किया गया है। इसके लिए गायत्री मंदिर प्रभात चौक पर दोपहर 12 बजे सभी पार्टी कार्यकर्ताओं एवं नगरवासियों को एकत्रित होने को कहा गया है।
इस मामले में नगर पालिका कुम्हारी के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि प्रशासन द्वारा हमें नोटिस आया था, जिसे हमने सभी समितियों को भेजा है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन अपने आदेश में नरमी लाता है या फिर इस साल आयोजनकर्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक भार के साथ गणेश चतुर्थी पर्व मनाना पड़ेगा।
