चालान और गाड़ी छोड़ने के नाम पर 20 हजार मांगने वाला आरक्षक निलंबित

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कुम्हारी। सड़क हादसे के मामले में कोर्ट में चालान पेश करने और जब्त कार को छुड़ाने के एवज में रिश्वत मांगने वाले एक आरक्षक पर गाज गिरी है। दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद कुम्हारी थाने में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 814, सोलोमन राजू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उसे पुलिस लाइन अटैच किया गया है। आरक्षक के खिलाफ यह कार्रवाई शुरुआती जांच में उसका आचरण संदिग्ध पाए जाने के बाद की गई है।

यह पूरा मामला बेमेतरा जिले के देवकर निवासी विमलेश कुमार द्विवेदी की शिकायत के बाद सामने आया। विमलेश ने एसएसपी को दी शिकायत में बताया कि दिसंबर 2025 में कुम्हारी ओवरब्रिज के नीचे उनकी नई किया सोनेट कार से एक टीवीएस सुपर एक्सल की टक्कर हो गई थी। हादसे के बाद विमलेश ने घायल बाइक सवार को खुद रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया और उसके इलाज का पूरा खर्च भी उठाया। शुरुआत में दोनों पक्षों में समझौता होने की बात कही गई थी, लेकिन करीब एक हफ्ते बाद पुलिस ने विमलेश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि मामला दर्ज होने के बाद कुम्हारी थाने के दो-तीन पुलिसकर्मियों ने उन्हें लगातार परेशान किया। उन्हें कभी भी सुबह या देर रात थाने बुला लिया जाता था। जब वे कागजी कार्रवाई की मांग करते, तो हर बार नए दस्तावेजों का बहाना बनाकर उन्हें लौटा दिया जाता था। इस दौरान ‘खर्चा-पानी’ के नाम पर उनसे कई बार पैसे भी ऐंठे गए।

विमलेश के मुताबिक, 7 जुलाई को कोर्ट से गाड़ी और जमानत की प्रक्रिया चल रही थी। आरोप है कि आरक्षक सोलोमन राजू ने इस दौरान पहले ₹1500 और फिर फोटोकॉपी के नाम पर पैसे लिए। इसके बाद चालान पेश करने के लिए ₹20,000 की मोटी रकम मांग ली। पीड़ित का कहना है कि रिश्वत न मिलने पर पुलिस ने जानबूझकर दोपहर पौने तीन बजे (सेकंड हाफ) कोर्ट में दस्तावेज पेश किए, जिसके कारण उनके भाई को तो जमानत मिल गई, लेकिन कार रिलीज होने की तारीख एक हफ्ते आगे बढ़ गई।


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