पश्चिम बंगाल विधानसभा में वक्फ बिल पर गरमागर्म बहस, विपक्ष ने जताया विरोध

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में मंगलवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक को लेकर गरमागर्म बहस हुई। राज्य सरकार ने इस विधेयक को वापस लेने का प्रस्ताव पेश किया, जिसे विधानसभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। हालांकि, भाजपा विधायकों ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए सदन से वाकआउट कर दिया।


क्या है मामला?


केंद्र सरकार द्वारा लाए गए वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 में वक्फ प्रशासन में कई बदलाव किए जाने का प्रस्ताव है। पश्चिम बंगाल सरकार का मानना है कि इस विधेयक से मुस्लिम समुदाय के अधिकारों पर अंकुश लगेगा और इसलिए इसे वापस लेना चाहिए।


विपक्ष का पक्ष


भाजपा विधायकों का कहना है कि इस विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित की जा चुकी है और वह इस पर विचार कर रही है। ऐसे में विधानसभा में इस पर प्रस्ताव लाना समय की बर्बादी है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक मुस्लिम महिलाओं और बच्चों के हित में है।


सत्तारूढ़ दल का पक्ष


तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि यह विधेयक मुस्लिम समुदाय के अधिकारों का हनन करता है और केंद्र सरकार ने इसे बिना किसी परामर्श के लाया है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक से मुस्लिम प्रतिनिधित्व कम होगा और यह एक विशेष धार्मिक समुदाय के लिए खतरा है।


राजनीतिक रंग


इस पूरे मामले में राजनीति का रंग साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ उठाने के लिए इस्तेमाल कर रहा है, जबकि सत्तारूढ़ दल मुस्लिम वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रही है।


क्या होगा आगे?


अब देखना होगा कि केंद्र सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है। अगर केंद्र सरकार इस विधेयक को वापस नहीं लेती है तो यह मुद्दा और भी गरमा सकता है।


निष्कर्ष


वक्फ (संशोधन) विधेयक एक जटिल मुद्दा है जिस पर सभी दलों को मिलकर विचार करना चाहिए। राजनीतिक फायदे के लिए इस मुद्दे का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

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