रायपुर: छत्तीसगढ़ के रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय ऊपर एक अउ बड़े आरोप लगे हे. राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के सदस्य मन ल घूस देवे के मामला म पहिली ले ही बिबाद म फंसे ये विश्वविद्यालय ऊपर अब फार्मेसी इंस्टीट्यूट के फीस म मनमानी करे के आरोप हे. बताए जात हे के विश्वविद्यालय ह नियम मन ल ताक म रखके छात्र मन ले तय फीस ले तीन गुना जादा पैसा वसूले हे.
राज्य सरकार ह परवेस अऊ फीस विनियामक कमेटी (एएफआरसी) के रिपोर्ट के आधार म सबो ब्यावसायिक पाठ्यक्रम बर फीस तय करे हे. फेर, रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय ह कथित तौर म विश्वविद्यालय विनियामक आयोग संग सांठगांठ करके जादा फीस तय करा लिस अऊ ओही आधार म छात्र मन ले वसूली घलो करिस. ये धियान देवे लायक हे के विश्वविद्यालय विनियामक आयोग ल साल 2008 के बाद ले ब्यावसायिक पाठ्यक्रम मन के फीस तय करे के कोनो अधिकार नइ हे.
तय फीस ले कई गुना जादा वसूली
दुर्ग के कुम्हारी म स्तिथ रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी म बैचलर ऑफ फार्मेसी (बी. फार्मा) के 100 सीट हें. एएफआरसी ह 2024-25 बर ये पाठ्यक्रम के सालाना फीस 39,300 रुपिया तय करे रिहिस. एकर बावजूद, संस्थान ह कथित तौर म निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग संग मिलके एक लाख बीस हजार रुपिया के फीस तय करा लिस, अऊ ये बढ़े हुए फीस म छात्र मन ले वसूली करे गीस.
राज्य शासन ह 24 फरवरी 2024 के एक सपस्ट आदेश जारी करे रिहिस, जेमा कहे गे रिहिस के फार्मेसी पाठ्यक्रम मन के फीस सिरिफ एएफआरसी डहर ले ही तय करे जाही अऊ ओही फीस मान्य होही. छत्तीसगढ़ निजी ब्यावसायिक सिकछण संस्थान (परवेस के विनिगमन अऊ सुल्क के निरधारन) अधिनियम 2008 के तहत गठित एएफआरसी ह ही 2024-25, 2025-26 अऊ 2026-27 बर एम. फार्मा, बी. फार्मा अऊ डी. फार्मा पाठ्यक्रम मन बर फीस के पुनरीक्षण अऊ दर निरधारन करे हे. ये तय करे गे सुल्क तुरते परभाव ले लागू होवइया रिहिस अऊ तब तक मान्य रहना रिहिस जब तक समिति डहर ले कोनो अऊ सुल्क तय नइ कर दे जावय. सुल्क परति सेमेस्टर तय करे गे रिहिस.
पहिली के सदस्य ह बताइस गलत
परवेस अऊ सुल्क विनियामक समिति (वित्त), छत्तीसगढ़ के पहिली के सदस्य योगेश वर्ल्यानी ह ये मामला म टिप्पणी करत कहिन के, “यदि अइसन करे गे हे त ये पुरे तरीका ले गलत हे.” ओमन ये घलो बताइन के समिति के कार्यकाल ये साल 5 जून के खतम हो चुके हे. अब नवा सिरा ले तीन सदस्यीय समिति के गठन के बाद ही अइसन कोनो सिकाइत म काररवाई करे जा सकत हे.
