कुम्हारी। दुर्ग जिले के कुम्हारी में 17 दिसंबर की रात हुई चाकूबाजी की वारदात ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मामले में न केवल कुम्हारी पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि आरोपियों के बुलंद हौसलों ने इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है।
पीड़ित यश विश्वकर्मा के अनुसार, 17 दिसंबर 2025 की रात करीब 10:30 बजे लट्टी बाबा चौक पर सतनामी समाज की शोभायात्रा के दौरान आरोपी दीपक जांगड़े, निशांत साहू और करण ने यश और लक्की विश्वकर्मा के साथ जबरन विवाद किया। मना करने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देते हुए चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में यश के सिर, चेहरे, पीठ और घुटनों पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे तत्काल एम्स (AIIMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया

पीड़ित की मां द्रुपति विश्वकर्मा ने SP दुर्ग को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि कुम्हारी थाना प्रभारी ने आरोपियों को लाभ पहुँचाने के लिए FIR No. 0247 में महज धारा 296 और 31(3) जैसी हल्की और जमानती धाराएं लगाई हैं। इन धाराओं की वजह से आरोपी तुरंत थाने बाहर आ गए। परिवार का कहना है कि उनके पास घटना के वीडियो और गवाह मौजूद हैं, फिर भी पुलिस ने अपराध की गंभीरता को नजरअंदाज किया।
थाने से बाहर आते ही आरोपी दीपक ने सोशल मीडिया पर अपनी दबंगई दिखाना शुरू कर दिया है। इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी पोस्ट करते हुए आरोपी ने लिखा— “आज जेल कल बेल, परसों फिर वही पुराना खेल”। इसके साथ ही आरोपी ने चाकू और खोपड़ी (Skull) के इमोजी का इस्तेमाल कर साफ संकेत दिया है कि उसे न तो कानून का डर है और न ही पुलिस का।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपी अब खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें पुलिस कार्यवाही न करने की धमकियां दे रहे हैं। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से सवाल किया है कि क्या उन्हें न्याय मिलेगा या फिर आरोपियों का यह “पुराना खेल” किसी बड़ी अनहोनी को अंजाम देगा?