कुम्हारी। विचक्षण जैन विद्यापीठ द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले शैक्षणिक भ्रमण के अंतर्गत इस वर्ष कक्षा 5 वीं से 9 वीं तक के छात्रों को तीन दिवसीय वार्षिक शैक्षणिक एवं आध्यात्मिक यात्रा पर ले जाया गया। इस वर्ष विद्यार्थियों ने जैन दादावाड़ी इंदोरा में आयोजित प्रतिष्ठा महोत्सव में भी सहभागिता की, जहाँ उन्हें परमपूज्य महेंद्रसागर जी महाराज सा एवं परमपूज्य मनीषसागर जी महाराज सा से मिलने, उनका आशीर्वाद प्राप्त करने तथा उनके उपदेशों से आध्यात्मिक ज्ञान अर्जित करने का अवसर मिला। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में आध्यात्मिक जागरूकता, पर्यावरणीय समझ तथा वन्यजीवन संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना था।
यात्रा के दौरान छात्रों ने भद्रावती स्थित जैन तीर्थ का दर्शन किया, जहाँ उन्होंने जैन धर्म के सिद्धांतों, अहिंसा, सत्य, अनुशासन और शांति से जुड़े महत्वपूर्ण मूल्यों का अध्ययन किया। इसके उपरांत विद्यार्थियों ने चंद्रपुर बॉटनिकल गार्डन का दौरा किया, जहाँ उन्होंने विभिन्न पौधों, दुर्लभ वनस्पतियों तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्व को नज़दीक से समझा।
यात्रा के अंतिम चरण में छात्र बालासाहेब ठाकरे गोरेवाड़ा अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर पहुँचे। यहाँ बच्चों ने अनेक प्रजातियों के पशु-पक्षियों, उनके प्राकृतिक आवास, जीवनशैली और संरक्षण संबंधी प्रयासों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और जाना। यह अनुभव उनके लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं रोचक रहा।
विद्यालय के प्रबंधन तथा प्राचार्य का मानना है कि विद्यार्थियों का वास्तविक सर्वांगीण विकास तभी संभव है, जब उन्हें पाठ्यपुस्तक-आधारित शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय मूल्यों की भी समान रूप से समझ प्रदान की जाए। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विद्यालय प्रतिवर्ष ऐसी यात्राओं का आयोजन करता है।
विद्यालय प्रशासन ने इस यात्रा को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी शिक्षकों, स्टाफ सदस्यों तथा अभिभावकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।